राजेन्द्र सिंह, प्रदेश प्रभारी उत्तर प्रदेश
सीतापुर हुसैनगंज मे स्थित ऐतिहासिक हेनरी थॉमसन प्लाईवुड प्रोडक्ट्स फैक्ट्री के मामले में नया मोड़ आया है। इस संबंध में सीतापुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष एवं अधिवक्ता आशीष मिश्रा ने ब्रिटिश उच्चायुक्त मिस लिंडी कैमरन को पत्र लिखकर फैक्ट्री के ब्रिटिश मालिकों के उत्तराधिकारियों का पता लगाने तथा इस संपत्ति के अधिकारों की रक्षा करने का अनुरोध किया है।
यह फैक्ट्री वर्ष 1939 में ब्रिटिश नागरिक हेनरी थॉमसन और उनकी दो बहनों द्वारा स्थापित की गई थी। उस समय यह एशिया स्तर पर प्रसिद्ध औद्योगिक इकाई थी, जहां प्लाईवुड, बोर्ड, दरवाजे और खिड़कियों का उत्पादन होता था तथा उत्पादों का निर्यात कई देशों में किया जाता था। अपने चरम पर यहां 1000 से अधिक श्रमिक कार्यरत थे और फैक्ट्री तीन शिफ्टों में संचालित होती थी।
बताया जाता है कि 1987 के आसपास ब्रिटिश मालिक भारत छोड़कर चले गए, जिसके बाद यह फैक्ट्री धीरे-धीरे बंद हो गई और लगभग 25 वर्षों से निष्क्रिय पड़ी है। फैक्ट्री की लगभग 150 बीघा भूमि के स्वामित्व को लेकर अभी तक स्पष्ट उत्तराधिकारी सामने नहीं आए हैं।
इसी बीच 11 फरवरी 2026 को सीतापुर जिलाधिकारी राजा गणपति आर. ने संबंधित भूमि को राज्य सरकार के राजस्व में निहित करने के लिए 30 दिन का सार्वजनिक नोटिस जारी किया था। कुछ व्यक्तियों द्वारा आपत्ति भी दर्ज कराई गई है, लेकिन मूल स्वामित्व ब्रिटिश नागरिकों का ही माना जाता है।
आशीष मिश्रा ने ब्रिटिश उच्चायोग से अनुरोध किया है कि वे अपने अभिलेखों या अन्य माध्यमों से हेनरी थॉमसन और उनके परिवार के वैधानिक उत्तराधिकारियों का पता लगाने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि फैक्ट्री का पुनरुद्धार होता है तो इससे सीतापुर में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं और इस ऐतिहासिक औद्योगिक इकाई की पहचान फिर से स्थापित हो सकती है।
उन्होंने यह भी अपील की है कि जब तक उत्तराधिकारियों की पहचान और उनके दावों का उचित निपटारा नहीं हो जाता, तब तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई में सावधानी बरती जाए। यह पत्र ब्रिटिश उच्चायोग, नई दिल्ली को भेजा गया है।
