मछरेहटा-सीतापुर। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की हुई शुरूआत। विक्रम संवत 2083 के स्वागत के साथ ही वासंती नवरात्र पर्व की शुरुआत श्रद्धा उल्लास और भक्तिमय वातावरण में हुई। संपूर्ण भारत में नवरात्र पर्व श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के जागरण का पर्व माना जाता है। सनातन धर्मावलंबी नौ दिन श्रद्धापूर्वक उपवास रहते हुए आदिशक्ति मां भगवती दुर्गा के नौ रूपों का पूजन अर्चन करते हुए अपने सुखी और समृद्ध जीवन की प्रार्थना करते हैं।
मछरेहटा ब्लाक स्थित भारासेनी देवी को क्षेत्रीय जनता आस्था और विश्वास का प्रमुख शक्तिपीठ मानती है। लोगों का विश्वास है की मातारानी की दण्डवत और पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। चैत्र नवरात्र का यहां पर विशाल मेला लगता है। गुरुवार को नवरात्र के प्रथम दिन भारासेनी मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई जो कस्बे के मुख्य मार्गों से होती हुई कुंदौली तीर्थ पहुंची जहां से जल भरकर वापस मंदिर आई । कलश यात्रा में थानाध्यक्ष प्रभात कुमार गुप्ता पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे। आयोजक संतोष शुक्ला ने बताया कि नवरात्र मेला 26 मार्च तक होगा। जिसमें प्रतिदिन वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा रामलीला और रात्रि में श्रीकृष्ण लीला का मंचन किया जायेगा। 25 मार्च को लखीमपुर से आए कलाकारों द्वारा विशाल देवी जागरण होगा। भव्य कलशयात्रा में यजमान सीताराम पाल, यज्ञाचार्य रामलखन तिवारी, संरक्षक सोबरन लाल,मुख्य पुजारी रामकिशोर तिवारी,, दीपू भोजवाल, कल्लू राठौर,, अमरपाल, सुशील शुक्ल, दीपक शुक्ल , जीतू शुक्ला कृष्णा नमन पांडे लवलेश शुक्ला मिथिलेश शुक्ला अनमोल, यश,अरुण शुक्ला संजय, अंकित सिंह, विवेक शुक्ला,अभय शुक्ल, राजेश शुक्ला जगदीश राकेश लोधी राजेश दीक्षित बबलू दीक्षित शुभम अवस्थी दीपू मिश्रा शैलेंद्र तिवारी महंत प्रीतम दास संजय शुक्ला राजेश शुक्ला आदर्श शुक्ला रामसागर पांडे पुत्तीलाल लोधी सहित सैकड़ों लोग सम्मिलित हुए।
