लगातार कई दिनों से हो रही बारिश और यमुना के बढ़े स्तर से शेल्टर होम की संख्या बढ़ाकर छह कर दी है। यमुना नदी के डूब क्षेत्र में रहने वाले दो हजार लोगों को निकाला जा चुका है। साथ ही जिला प्रशासन की छह टीमें लगातार क्षेत्र में यमुना के पानी और शेल्टर होम आदि की निगरानी में लगी हुई है।
यमुना का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है। बुधवार को जलस्तर 200.25 मीटर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 200.60 मीटर है। औखला बैराज से दो लाख चार हजार 39 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने यमुना नदी के पास के गांवों का दौरा किया। जहां उन्होंने पानी का जलस्तर देखा है। साथ ही मौके पर मौजूद अधिकारियों को क्षेत्र को पूरी तरह खाली कराने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि डूब क्षेत्र से ज्यादातर लोगों को निकालकर शेल्टर होम में शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि, यह जांच की जा रही है कि उसके बाद भी कोई व्यक्ति तो वहां नहीं फंसा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल लेखपालों और राजस्व निरीक्षक के नेतृत्व में छह टीमें लगातार यमुना के जलस्तर की निगरानी कर रही है। किसी तरह की समस्या आने पर अधिकारियों को वह अवगत कराएंगे। जिसका मौके पर जाकर निस्तारण किया जाएगा।
ताजेवाला बैराज से छोड़े गए पानी का दिखाई देने लगा है असर
ताजेवाला बैराज से सोमवार को 3,29,313 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जो मंगलवार को पहुंच गया। पानी अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के गांव के पास पहुंच गया है। कोड़ली गांव निवासी करतार भाटी ने बताया कि अगर लगातार पानी बढ़ता रहा तो बांध को पार कर पानी गांव में घुस सकता है। उधर, ग्रामीण भी लगातार बढ़ते हुए जलस्तर पर नजर टिकाए हुए है।
छह जगह बनाए गए शेल्टर होम
शेल्टर होम की संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है। सेक्टर—134 के नंगली नगला बारातघर में 250, नगली साकपुर के बारातघर में 80, सेक्टर—135 वाजिदपुर के बारातघर में 500, नगली वाजिदपुर—2 में 200, सेक्टर—150 में 500 और जेवर के अलग—अलग क्षेत्र में 600 लोगों के ठहराने की व्यवस्था की गई है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के डूब क्षेत्र के अलावा जेवर क्षेत्र में बाढ़ से हालात खराब हो रहे है। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। आनन—फानन में बुधवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों ने झुप्पा गांव स्थित बरातघर में शेल्टर होम बनाया गया है। एसडीएम ने बताया कि करीब 100 लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से निकालकर ठहराया गया है।
जिला प्रशासन ने इससे पहले तीन स्थानों पर लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर ठहराया था। लेकिन बढ़ती संख्या को देखते हुए 2 हजार लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन ने अक्षय पात्र फाउडेंशन के सहयोग से रोजाना दो हजार लोगों के खाने की व्यवस्था की है। चाय व नाश्ते के अलावा दोपहर के समय कढ़ी—चावल एवं राजमा—चावल और शाम के समय सब्जी व पांच रोटी दी जा रही है।
