शारदा विश्वविद्यालय में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस राजेश बिंदल ने अत्याधुनिक मूट कोर्ट का उद्घाटन करते हुए कहा कि एक सफल वकील या न्यायाधीश वही बन सकता है, जिसमें हर तथ्य को ध्यान से सुनने और समझने की क्षमता होती है। उन्होंने छात्रों को सतर्क रहकर सुनने, सोचने और तार्किक विश्लेषण विकसित करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने युवाओं में ध्यान के अभाव की समस्या की बढ़ती समस्या पर भी प्रकाश डाला और डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल विवेकपूर्ण उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने भारतीय प्रतिभाओं के पलायन को रोकने और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को भी भारत की ओर आकर्षित करने के लिए मजबूत शिक्षा ढांचा तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा में एआई की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए अत्यधिक निर्भरता के प्रति आगाह किया।
उन्होंने कहा, एआई हर क्षेत्र में बदलाव ला रहा है, उसपर पूरी तरह से निर्भर नहीं रहना चाहिए। खासकर कानूनी व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एआई मानवीय निर्णय और कानूनी फैसलों का स्थान नहीं ले सकता है।
